क्रिप्टोकरेंसी क्या है – इसके फायदे और नुकसान : latest Updated 2022 {Cryptocurrency Kya Hai Phaayade Nuksaan}

क्रिप्टोक्रेंस क्या है - इसके फायदे और नुकसान

आज विश्व भर में डिजिटल करेंसी या ऑनलाइन मनी को लेकर काफ़ी चर्चा हो रही है। अन्य डिजिटल माध्यमों की तरह डिजिटल करेंसी ने भी विश्व भर में तहलका मचा दिया है। बड़े–बड़े उद्योगपति से लेकर आम आदमी भी डिजिटल मनी की चर्चा करता नज़र आने लगा है। समय के साथ लेनदेन के माध्यमों को हम सब ने परिवर्तित होते हुए देखा है। चीजों से लेकर, नोट और सिक्के और अब डिजिटल करेंसी लेनदेन का आधुनिक और नया माध्यम बनता जा रहा है। आज एक ऐसी ही डिजिटल करेंसी की हम यहां चर्चा करने जा रहे है, वह हैं क्रिप्टोकरेंसी।

वैसे तो आज–कल क्रिप्टोकरेंसी के बारे में हर कोई थोड़ा बहुत जानता ही है। अगर नहीं तो यह शब्द कहीं न कहीं किसी न किसी से सुना जरूर होगा। इस लेख में हम क्रिप्टोकरेंसी क्या है? उसके कितने प्रकार है? क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कैसे किया जाता है? जैसी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी को जानेंगे। आज के डिजिटलाइज्ड और आधुनिक युग में डिजिटलाइज्ड करेंसी,कोई नई बात नहीं हैं। पर जिस तेज़ी से फाइनेंशियल मार्केट में डिजिटल करेंसी ने अपना वर्चस्व स्थापित किया है, वह आश्चर्यजनक है। लोगों का भरोसा जितना और विश्वभर के लोगों को इतने कम समय में आकर्षित करना कोई आसान काम नहीं है. पर क्रिप्टोकरेंसी ने बहुत ही कम समय में फाइनेंशियल मार्केट में तहलका मचा दिया है।

क्रिप्टोकरेंसी क्या है {What Is Cryptocurrency}

जैसा की आप सब जानते ही होंगे। क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल करेंसी या ऑनलाइन मनी है। यह केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध है. लेनदेन के लिए इसका केवल ऑनलाइन ही उपयोग किया जा सकता है। यूरो, रूपी, डॉलर, आदि की तरह यह physically उपलब्ध नहीं है। अन्य लेनदेन माध्यमों की तरह क्रिप्टोकरेंसी का दुनिया के किसी भी कोने से प्रयोग किया जा सकता है। डिजिटल करेंसी के रूप में क्रिप्टोकरेंसी को विश्व भर में स्वीकृति और मान्यता मिल गई है।

क्रिप्टोकरेंसी कंप्यूटर एल्गोरिदम पर आधारित है। इस पर किसी एजेंसी, देश या राज्य सरकार का कोई अधिकार या नियंत्रण नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी क्रिप्टोग्राफ़ी द्वारा सुरक्षित है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित विकेंद्रीकृत नेटवर्क हैं जिसकी वजह से क्रिप्टोकरेंसी किसी भी अन्य मुद्रा की तरह किसी देश की निजी संपत्ति नहीं है। इसे अपलोड करने में किसी बैंक या सरकार का हाथ नहीं है. नहीं, क्रिप्टोकरेंसी पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। यही कारण है कि इसे कई देशों और जगहों पर वैध नहीं माना जाता है।

दुनिया के कई देशों में क्रिप्टोकरेंसी का वैधीकरण(legalization) अब तक नहीं हुआ है। हालांकि क्रिप्टोकरेंसी ने भारत में सन 2009 से पैर पसारने शुरू कर दिये थे. अब तक मार्केट में क्रिप्टोकरेंसी ने अपनी खास जगह और पहचान बना ली है। पर यहां भी अन्य देशों की तरह क्रिप्टोकरेंसी वैधिक स्थान नहीं हासिल कर पाया है। भारत सरकार और RBI ने साथ मिलकर क्रिप्टोकरेंसी को मार्केट में रेग्युलेट करने के लिए कुछ नियम और जरूरी सूचना हाल ही में घोषित की है। पर उसे वैधिक स्थान नहीं दिया है. क्रिप्टोकरेंसी से देश को रहे फाय्दे को देखते हुए सरकार और RBI ने लोगो से क्रिप्टोकरेंसी पर निवेश से जुड़े जोखिम की सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद सोच समझ कर, निवेश करने को कहा है।

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क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार

क्रिप्टोकरेंसी मुख्य १० (10) प्रकार की होती है । इन सब में से बिटकाइन बहुत ही चर्चित और पर्सिध है तो चले एक नरज़ क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार पर डालते है।

बिटकॉइन

बिटकॉइन दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी मानी जाती है।सामान्यतः इसका प्रयोग बडे-बडे उद्योगपति बडे-बडे सौदों और लेन देन के लिये करते है। इसका आविष्कार 2008 में हुआ था। 2009 तक इसका उपयोग में लाया गया। कुछ ही सालो में यह बिटकॉइन ने दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी का ताज हासिल कर विश्व ख्याति हासिल कर लेंगी

एथेरियम

इथेरियम विकास के मामले में बिटकॉइन के बाद दूसरे स्थान पर है। यह स्मार्ट अनुबंध क्षमताओं के साथ एक ब्लॉकचैन-आधारित विकेन्द्रीकृत कार्यक्रम का उपयोग करता है, हालांकि एथेरियम बाजार में डॉगकोइन के बाद आया था। लेकिन कुछ ही समय में, इथेरियम (Ethereum) ने अपनी स्थिति को Dogecoin तक बढ़ा दिया।

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डॉगकाइन

डॉगकाइन यह क्रिप्टोकरेंसी का तीसरा प्रकार है। इसका नाम एक जपानिस मिम से प्रेरित है। जो की जापान के एक सिक्के के बारे में थी जिस पर एक कुत्ता बना हुआ था। मार्केट में यह सन 2013 में आया था। आज बिटकॉइन की तरह मार्केट में इसका भी अपना अलग ही दबदबा है।

रिपल

रिपल (Ripple) का आविष्कार Ripple Labs द्वारा 2012 में एक मनी ट्रांसफर नेटवर्क के रूप में किया गया था, जिसे व्यवसायों और वित्तीय सेवा उद्योग की आवश्यकता के लिए ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से बनाया गया था, रिपल (Ripple) का मुख्य फोकस अपने ग्राहकों को आसान, तेज़, पारदर्शी और सस्ता वित्तीय समाधान प्रदान करना है|

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टीथर

टीथर एक स्थिर क्रिप्टोकरेंसी है जिसे एथेरियम और बिटकॉइन ब्लॉकचेन पर होस्ट किया जाता है। यह बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तरह अस्थिर नहीं है, यह डॉलर और यूरो द्वारा समर्थित है। टीथर का मूल्य भी डॉलर और यूरो के समान ही काल्पनिक है। अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तुलना में टीथर की कीमत अधिक सुसंगत है, लोग इसकी स्थिरता के लिए टीथर को पसंद करते हैं।

बिनेंसकॉइन

बिनेंस सिक्का एक क्रिप्टोकुरेंसी है जिसे बिनेंस एक्सचेंज द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे लॉन्च करने के बाद यह पहले एथेरियम नेटवर्क का उपयोग कर रहा था, लेकिन जैसे-जैसे इसका उपयोग बढ़ता गया, बिनेंस चेन नाम से अपने स्वयं के ब्लॉकचेन का उपयोग कर रहा है। बिनेंस सिक्का बनाने का तर्क शुरू में था एक रियायती दर पर ट्रेडिंग शुल्क प्रदान करने के लिए एक उपयोगिता टोकन, लेकिन जैसे ही उपयोग में वृद्धि हुई।इसे लेनदेन शुल्क के लिए ऑनलाइन सेवा, यात्रा बुकिंग, मनोरंजन आदि के लिए अधिक उपयोग किया गया।

टेरा

टेरा जिसे ओपन-सोर्स ब्लॉकचैन प्रोटोकॉल के रूप में भी जाना जाता है, टेरा को फिएट मुद्रा उदाहरण (डॉलर या यूरो) की कीमत को ट्रैक करने के लिए बनाया गया है, टेरा प्रोटोकॉल में दो क्रिप्टोकुरेंसी टोकन होते हैं जो (टेरा और लूना) हैं, जिसमें टेरा चेक करता है एक फिएट मुद्रा की कीमत और लूना मुख्य रूप से ब्लॉकचेन उद्देश्य के लिए उपयोग की जाती है|

सोलाना

सोलाना का आविष्कार विकेंद्रीकृत अनुप्रयोगों को सशक्त बनाने के लिए किया गया था। यह यूनीक हाइब्रिड प्रूफ-ऑफ-स्टेक और प्रूफ-ऑफ-हिस्ट्री मैकेनिज्म पर चलता है। ये तंत्र सभी काम जल्द से जल्द करने में सक्षम हैं। यानी यह अपने प्रतिस्पर्धी एथेरियम की तुलना में कम लेनदेन शुल्क पर प्रति सेकंड कई लेनदेन कर सकता है।

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कार्डानो

कार्डानो को एथेरियम के संस्थापक द्वारा स्केलेबिलिटी, सिस्टम या सॉफ्टवेयर की जानकारी का आदान-प्रदान करने की क्षमता और क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म पर स्थिरता को हल करने के लिए लॉन्च किया गया था। कार्डानो के मालिक ने इसे एथेरियम उदाहरण के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित किया है । एथेरियम, कार्डानो कनेक्टेड और विकेन्द्रीकृत प्रणाली के लिए निर्मित हैं, दोनों का उपयोग समान प्रकार के अनुप्रयोगों और स्मार्ट अनुबंधों के लिए किया जाता है।

पोल्का डॉट

पोल्का डॉट सन 2016 में स्थापित हुआ था। यह एक Unique Blockchain Interoperability Protocol है जिसका आविष्कार विभिन्न Blockchain को जोडने के लिये किया गया था। इसकी सहायता और सुरक्षा की सहायता से Developers अपने खुद के Chain बना सकते है|

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ऊपर उल्लिखित क्रिप्टोकरेंसी की नवीनतम कीमत की जाँच करें

Name Price24H (%)
Bitcoin (BTC)
₹1,589,965.19
4.23%
Ethereum (ETH)
₹109,276.29
4.55%
Tether (USDT)
₹81.43
-0.04%
XRP (XRP)
₹36.09
4.34%
Binance USD (BUSD)
₹81.51
0.03%
Cardano (ADA)
₹35.51
1.37%
Solana (SOL)
₹2,752.31
4.74%
Dogecoin (DOGE)
₹4.95
2.56%
Polkadot (DOT)
₹524.40
3.25%
Terra Luna Classic (LUNC)
₹0.022882
4.00%

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे

  • क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन का एक आसान और तेज़ तरीका है |
  • क्रिप्टो खरीदने और बेचने में कम व्यापार शुल्क होता है और अधिकांश प्लेटफॉर्म में शॉर्ट सेटलमेंट टाइम्स होता है|
  • क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसी भी देश की सरकार या संस्थान का ज्यादा नियंत्रण नहीं होता है|
  • क्रिप्टोकरेंसी की देश सीमा नहीं है, व्यक्ति बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक देश से दूसरे देश में क्रिप्टो सिक्का भेज सकता है|
  • इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की तुलना में क्रिप्टोकुरेंसी लेनदेन अधिक सुरक्षित हैं क्योंकि क्रिप्टोकुरेंसी ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर हैं जो विभिन्न गणित पहेली पर आधारित हैं जिन्हें किसी के द्वारा डीकोड करना बहुत मुश्किल है|

क्रिप्टोकरेंसी के नुकसान

  • क्रिप्टोकरेंसी के साथ प्रमुख मुद्दा स्केलेबिलिटी है, यह कम समय में बड़ी मात्रा में लेनदेन को संभालने में समस्याओं का सामना कर रहा है।
  • एक और बड़ा मुद्दा साइबर सुरक्षा उल्लंघनों के संबंध में है, हैकर्स कई प्लेटफॉर्म डेटा को हैक करने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें उपयोगकर्ताओं की क्रिप्टो होल्डिंग के बारे में जानकारी शामिल है जो खतरनाक है|
  • क्रिप्टोकरेंसी के लिए तेज दर पर मूल्य में उतार-चढ़ाव भी एक बड़ा मुद्दा है, जो सामान्य देश की मुद्रा के मामले में नहीं होता है|
  • क्रिप्टोकुरेंसी सरकार द्वारा विनियमित नहीं है, जिसके कारण क्रिप्टोकुरेंसी पर निवेश में कम पारदर्शिता है|